नैवेद्य: सही इष्ट के लिए सही भोग
नैवेद्य इष्ट के प्रति आतिथ्य है — सही भोग सही आसन के साथ क्यों।
नैवेद्य वह अन्न और अर्पण है जो प्रसाद से पहले देवता को प्रस्तुत किया जाता है। केवल सजावट नहीं — इष्ट के प्रति आतिथ्य।
प्रिय अर्पण: गणेश को मोदक-दूर्वा, लक्ष्मी को कमल-मिठाई, दुर्गा को लाल फूल, शिव को बिल्व, हनुमान को सिंदूर, सरस्वती को श्वेत पुष्प।
अर्पण का मेल भी मेल का भाग है। एक साथ हर मूर्ति पर बेमेल थाल माँग उलझा सकता है। एक अनुरूप पूजा चुनें, भक्ति से पूर्ण करें, फिर आगे बढ़ें।
इष्ट मेल पर प्रत्येक कार्ड मेल खाती थाल और एक टैप अर्पण दिखाता है।