अपना इष्ट देवता कैसे चुनें
अपनी चाहत को सही इष्ट से मिलाएँ — लक्ष्मी, गणेश, दुर्गा, शिव, हनुमान या सरस्वती।
इष्ट वे देवता हैं जो हृदय और लक्ष्य दोनों से निकट लगें। हर प्रार्थना हर मूर्ति के लिए नहीं। चाहत को सही आसन से मिलाना ही बुज़ुर्ग “मेल” कहते हैं।
धन और स्थिर सौभाग्य — लक्ष्मी माता। अटका आरंभ — श्री गणेश। दबाव में विजय — माँ दुर्गा। स्थिर मन — महादेव शिव। सहनशक्ति — हनुमान जी। स्पष्ट विवेक — सरस्वती माता।
माँगने से पहले दर्शन लें: रूप, कथा और नैवेद्य। चाहत साफ़ कहें, जो उन्हें प्रिय हो वह अर्पित करें, क्रम रखें — द्वार अक्सर गणेश ही खोलते हैं।
इष्ट मेल पर इष्ट चुनें, मेल देखें, फिर नैवेद्य अर्पित करें।